अंगारक योग शांति पूजा

अंगारक योग शांति पूजा
₹3,100.00

अंगारक योग शांति पूजा वैदिक ज्योतिष में मंगल और राहु के युति जनित अशुभ प्रभावों को दूर करने हेतु एक शक्तिशाली अनुष्ठान है। यह पूजा जीवन में बढ़ते क्रोध, अनावश्यक विवादों, दुर्घटनाओं के भय और मानसिक अशांति को कम कर धैर्य एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति में सहायक है।

Description

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब क्रूर ग्रह मंगल और छाया ग्रह राहु एक ही भाव में स्थित होते हैं, तो "अंगारक योग" का निर्माण होता है। यह योग व्यक्ति के स्वभाव में उग्रता, चिड़चिड़ापन और निर्णय लेने में जल्दबाजी जैसे नकारात्मक गुण पैदा कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप करियर में संघर्ष, भूमि-संपत्ति संबंधी विवाद, रक्त संबंधी विकार और पारिवारिक कलह जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।

अंगारक योग शांति पूजा में मंगल देव और राहु के साथ-साथ भगवान कार्तिकेय या भगवान हनुमान की विशेष आराधना की जाती है। इस अनुष्ठान में वैदिक मंत्रों का उच्चारण, नवग्रह शांति और अग्नि में विशेष आहुतियाँ (हवन) प्रदान की जाती हैं। यह पूजा व्यक्ति के अंदर के नकारात्मक आवेश को शांत कर मंगल की सकारात्मक ऊर्जा को जाग्रत करती है, जिससे जीवन में अनुशासन, पराक्रम और स्थिरता आती है।

Benefits

क्रोध पर नियंत्रण: व्यक्ति के स्वभाव में सौम्यता आती है और अनियंत्रित क्रोध पर लगाम लगती है।

विवादों का समाधान: कानूनी विवादों, भूमि-संपत्ति के झगड़ों और कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिलती है।

मानसिक और शारीरिक सुरक्षा: दुर्घटनाओं, चोट और शारीरिक पीड़ा के जोखिम को कम करने में सहायक।

करियर में स्थिरता: कार्यस्थल पर सहयोगियों के साथ बेहतर संबंध बनते हैं और अनावश्यक विवाद समाप्त होते हैं।

पारिवारिक शांति: घर के सदस्यों के बीच हो रहे मतभेद और कलह कम होते हैं, जिससे पारिवारिक सामंजस्य बढ़ता है।

ऊर्जा का सही दिशा में प्रयोग: व्यक्ति के भीतर के "अंगारक" (अग्नि) को सही दिशा में मोड़कर लक्ष्य प्राप्ति की शक्ति बढ़ाता है।

आत्मविश्वास: निर्णय लेने में स्पष्टता आती है और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने का साहस प्राप्त होता है।

FAQs

Book This Puja